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Navyug Sandesh - Hindi News Paper, Trending and Latest News in Hindi

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    किसानों के कल्याण के लिए मोदी सरकार का यह एक महत्वाकांक्षी योजना है। सरकार द्वारा ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस नए फसल बीमा में पुरानी सभी योजनाओं के अच्छे पहलू को शामिल किया गया है साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि उन योजनाओं में जो खामियां रह गयी थी उसे दूर करने …

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    दुनिया के सभी देशों का सामाजिक,आर्थिक,सांस्कृतिक आदि के आधार पर एक-दूसरे से जुड़ने की प्रक्रिया वैश्वीकरण का मोटे तैर पर अर्थ है। डेविड हेल्ड इसका परिभाषा परस्पर निर्भरता के रूप में करते हैं,क्योंकि सामाजिक और आर्थिक संबंधों ने दुनिया को बाँध दिया है। आज विश्व में वैश्वीकरण के प्रति कई दृष्टिकोण हैं,जो इसके स्वरुप,परिणाम और …

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    जवाब मिला-जुला हो सकता है। ‘हाँ’ वाले यह बताने में नाकाम रहते हैं कि कब और कैसे सरकार को अपने अनुकूल कर लेंगे ? आज पूरे भारत में ग्यारह ट्रेड यूनियन हड़ताल रूपी प्रक्रिया के हिस्सा हैं। इस बारे में कुछ बड़बोले पत्रकार काफी कुछ लिख चुके हैं। बीबीसी के एक खबर के मुताबिक़ इसका …

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    ‘ज्ञानम् मनुजस्य तृतीयम् नेत्रम्”, वैदिक काल से ही शिक्षा को वह प्रकाश माना गया है जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रकाशित करने का सामर्थ्य रखता है | यह एक निर्विवाद सत्य है कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र या समाज की प्राणवायु है , उसकी प्रेरणा है ,उसकी ऊर्जा है और किसी भी राष्ट्र का …

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    मनुष्य को अपने बाहूबल पर पूरा भरोसा होना चाहिए। यदि उसे स्वयं पर विश्वास होगा तो वह किसी भी तूफान का सामना बिना डरे या बिना घबराए कर सकता है। वैसे तो ईश्वर मनुष्य को वही देता है जो उसके पूर्वजन्म कृत कर्मों के अनुसार उसके भाग्य में लिखा होता है। परन्तु फिर भी जो …

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    अपना जीवन जीने के लिए आखिर किसी दूसरे के सहारे की कल्पना करना व्यर्थ है। किसी को बैसाखी बनाकर कब तक चला जा सकता है? दूसरों का मुँह ताकने वाले को एक दिन धोखा खाकर, लड़खड़ाकर गिर जाना पड़ता है। उस समय उसके लिए सम्हलना बहुत कठिन हो जाता है। बचपन की बात अलग कही …

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    एशिया प्रशांत में नीति से संबंधित मुद्दों पर इंटरनेट सोसाइटी सर्वेक्षण की हाल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन सुरक्षा एक ऐसा क्षेत्र है जिसपर नीति निर्माताओं को शीघ्र सबसे ज्यादा ध्यान देने  की जरूरत है। सर्वेक्षण में इस पूरे क्षेत्र से तकरीबन 2000 अंतिम उपयोगकर्ताओं ने हिस्सा लिया और मौजूदा इंटरनेट नीति से …

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    मनुष्य अपनी स्वयं की शक्ति व कमजोरी को भली-भाँति जानता है। उससे बढ़कर और कोई बेहतर तरीके से उसे जान-समझ नहीं सकता। इसलिए जैसा वह चाहता है उसे स्वयं ही अपने रास्ते का चुनाव कर लेना चाहिए। मनुष्य यदि साहसी है तो वह अपने लिए चुनौतियों भरी कठिन डगर चुनेगा। उस पर जगल के राजा …

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    स्पेशल नीड वाले बच्चों को जन्म से ही अपने माता-पिता की विशेष प्रकार की देखभाल की आवश्यकता होती है। इसका कारण है कि वे आम बच्चों की तरह अपने कार्य स्वयं करने में पूरी तरह सक्षम नहीं होते हैं। उन्हें किसी सहारे की आवश्यकता होती है। कुछ बच्चे जन्म से ही मानसिक रूप से विकलांग …

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    जीवन एक पाठशाला है। जिसमें हम सभी विद्यार्थी हैं। इसके प्रधानाचार्य जगत पिता ईश्वर हैं और संसार के सभी जीव इसमें अध्यापक हैं। ये सभी निरन्तर हमें कुछ-न-कुछ सिखाते रहते हैं। बच्चे सवेरे उठकर तैयार होकर अफने विद्यालय जाते हैं। वहाँ निश्चित समय तक पढ़ाई करके घर वापिस लौट आते हैं। वहाँ से मिले गृहकार्य …

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    होली के त्यौहार के बहाने से चलिए आज इन्द्रधनुषी रंगों से सराबोर होकर मस्ती मे अपने सारे दुखों और कष्टों को भूलकर आह्लादित हो जाते हैं। खुले मन से सभी लोगों का स्वागत करते हुए, ईर्ष्या और द्वेष के भावों को एक किनारे रखकर उनसे गले मिलते हैं। लूट लीजिए, अपने दोनों हाथों से समेट …

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    आपने सुनी और पढ़ी होगी रहीम की पंक्ति “चन्दन विष व्यापत नहीे”, लिपटे रहत भुजंग,” या किसी को चन्दन – सा बदन कहकर पुकारा होगा। भारतीय संस्कृति, साहित्य चन्दन चन्द्रमा और कमल के बिना अधूरा है। क्या आपने कभी चंदन के वन की सैर की है ? रहीम दास जी क्षमा करें यहां पर कहीं …

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    पीने का पानी कैसा हो? इस विषय पर वैज्ञानिको ने काफी प्रयोग किये हैं और पानी की गुणवत्ता को तय करने के मापदण्ड बनाये है। पीने के पानी का रंग, गंध, स्वाद सब अच्छा होना चाहिए। शुद्ध आसुत जल पीने के योग नहीं होता है। इसी प्रकार ज्यादा केल्शियम या मैगनेशियम वाला पानी भी कठोर …

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    मादक चीजों में आजकल नशीली दवाओं का नशा सभी प्रकार के लोगों में बढ़ता चला जा रहा है। नशीली दवाओं की बढ़ती लत पूरी पीढ़ी को समाप्त कर रही है। यह स्थिति आने वाली पीढ़ी के सामाजिक और वैयक्तिक स्वास्थ्य के लिए बडी गंभीर चुनौती है। नई पीढी नशीली दवाओं की ओर बढी तेजी से …

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    भारतीयता सम्पूर्ण रुप से हम सभी को रक्षित करती है। उसमें प्रारम्भ से ही र्प्यावरण को अत्यन्त मुखर स्थान दिया है। हमारी संस्कृति में वृक्ष, पेड़-पौधों, जड़ी बूटियों को देवता माना गया है। पवित्र और देवतुल्य वृक्षों की एक लम्बी परम्परा भारतीयता के साथ गुंथी हुई है। भारतीयता किसी व्यक्ति विषेप से नहीं प्रकृति, र्प्यावरण …

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    रोज़ सवेरे अखबार में हम औरतों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों की ख़बरें बड़े – बड़े काले अक्षरों में पड़ते हैं । कभी कन्या भ्रूण हत्या तो कभी गेंग रेप, कभी कचरा पात्र में मिली नवजात तो कभी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूझ रही एक पीडिता । ऐसे ही न जाने कितने …

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    15 अगस्त 2017 -71वाँ स्वतंत्र दिवस। कहने को हमें आज़ाद हुए 70 साल हो चुके हैं जिसका जश्न हम प्रतिवर्ष 15अगस्त को मनाते हैं। पर क्या हम सही मायने में आज़ाद हैं? जिस देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार न हो; जहाँ आज भी ईमान-धर्म के नाम पर भेद-भाव किया जाता हो; जहाँ गरीबी, …

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    ड्राई फ्रूट्स का सेवन शरीर को कई सारी समस्याओं से राहत दिलाता है. आइए जानते हैं कि ड्राई फ्रूट्स किन-किन समस्याओं को दूर करता है. 1-बादाम में फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक, पौटाशियम, फोसफोरस, कोपर, आयरन और विटामिन बी भरपूर मात्रा में पाए जाते है, जो शरीर की कई आवश्यकताओं को आसानी से पूरा करते हैं. …

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    लॉ एंड आर्डर (कानून व्यवस्था) एक बेहद अनुशासित शब्द है, इसकोे सुनते ही मैं जिम्मेदार नागरिक की हैसियत से अक्सर सावधान की मुद्रा में आ जाता हूँ। अगर एक से दूसरी बार सुन लू तो  मेरे चरण, आराम की शरण छोड़कर परेड की मुद्रा में आ जाते है। लॉ-ऑर्डर सुनने में बहुत स्वादिष्ट लगता है, …

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    हिंदी इंग्लिश हैं दो बहना, दोनों करें लड़ाई दोनों की महिमा है अपनी फिर भी समझ ना आई।। हिंदी बोली मेरा घर है फिर तू क्यूँ है आई तुझको कोई नही पूँछता फिर क्यूँ यहाँ समाई।। इंग्लिश बोली सुन री बहना ज्यादा न इतराओ झूँठी सच्ची बातें करके मन को मत भरमाओ।। जहां तुझे न …

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